रचनात्मक मूल्यांकन क्या है? रचनात्मक मूल्यांकन फीडबैक उपलब्ध कराता है जो विद्यार्थी को शिक्षा की प्राप्ति में होने वाले त्रुटियों को समझने में तथा उस त्रुटियों को दूर करने में शिक्षक की सहायता करता है।

Formative assessment provides feedback which helps the teacher to understand the errors in the student’s learning and to correct those errors.

रचनात्मक मूल्यांकन में कार्य अनुभव, कला शिक्षा और स्वास्थ्य तथा शारीरिक शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कार्य निष्पादन का निर्धारण 5 बिंदु वाले पैमाने द्वारा किया जाता है। यह 5 बिंदु ए, ए, बी, बी, सी आदि होता है।

Work experience in formative assessment, performance in areas such as arts education and health and physical education is assessed on a 5-point scale. It consists of 5 points A, A, B, B, C etc.

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रचनात्मक मूल्यांकन क्या है?

रचनात्मक मूल्यांकन की परिभाषा

सैडलर के अनुसार-

रचनात्मक मूल्यांकन में फीडबैक और स्व मूल्यांकन दोनों शामिल होते हैं।

ब्लैक और विलियम के अनुसार-

रचनात्मक मूल्यांकन प्राय: इससे अधिक कुछ नहीं होता है कि मूल्यांकन बारंबार किया जाता है और अध्यापन की तरह उसी समय किया जाता है।

रचनात्मक मूल्यांकन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • ​रचनात्मक रचनात्मक मूल्यांकन के कार्यान्वयन के अंतर्गत प्रतिभाशाली फीडबैक समय समय पर उपलब्ध कराना चाहिए जो विद्यार्थी को अपने शिक्षा को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
  • इस प्रकार का मूल्यांकन विद्यार्थियों का स्वयं अपनी शिक्षा प्राप्ति मैं सक्रिय रूप से शामिल होना निर्धारित करता है।
  • ​रचनात्मक मूल्यांकन का उपयोग पाठ्यक्रम किए अध्यापन और शिक्षा प्राप्ति को आंकने के लिए किया जाना चाहिए।
  • ​विद्यालयों को अपने आपको केवल कागज, पेंसिल वाली परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

    रचनात्मक मूल्यांकन क्या है?

  • रचनात्मक मूल्यांकन के लिए विशिष्ट सिफारिशें

  • ​विद्यार्थी अपना सत्र अप्रैल में शुरू करते हैं और सीएबीसई ने रचनात्मक मूल्यांकन के लिए या सिफारिश की है कि यह नए सत्र के प्रारंभ में अप्रैल में शुरू हो।
  • सीबीएसई के द्वारा यह सलाह दी गई है कि प्रत्येक अवधि में विद्यालय रचनात्मक मूल्यांकन के अंतर्गत विद्यार्थी की कार्य निष्पादन का मूल्यांकन करने के लिए कागज, पेंसिल परीक्षा का उपयोग एक से अधिक बार ना करें।
  • ​इसके द्वारा यह भी सुझाव दिया गया है कि विज्ञान के मामले में वर्ष में चार रचनात्मक मूल्यांकन  में से कम से कम एक मूल्यांकन प्रयोगों के रूप में हो।
  • ​गणित में 4 मूल्यांकन में से एक मूल्यांकन गणित प्रयोगशाला क्रियाकलापों का मूल्यांकन होना चाहिए
  • ​समाज विज्ञान में 4 में से कम से कम एक मूल्यांकन परियोजनाओं पर आधारित होना चाहिए।
  • ​भाषाओं में 4 में से कम से कम एक मूल्यांकन श्रवण बोध अथवा वार्तालाप के रूप में वार्तालाप करने के कौशल का मूल्यांकन होना चाहिए।
  • ​उपरोक्त मार्ग निर्देशों का प्रयोजन यह है कि मूल्यांकन के बहुविध मॉडल ओं का उपयोग किया जाए, ताकि लिखित परीक्षाओं पर ध्यान की संकेंद्रण को कम किया जाए।

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