अधिगम के सिद्धांत (Theory Of Learning) in hindi for CTET

अधिगम के सिद्धांत (Theory Of Learning) in hindi for CTET

अधिगम जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया होती है। अधिगम का अर्थ होता है सीखना। मनुष्य अपने जीवन के प्रत्येक क्षणों में कुछ ना कुछ सीखता रहता है। सीखने की यह प्रगति मनुष्य में जीवन पर्यंत चलती रहती है। मनोवैज्ञानिकों ने मनोविज्ञान के अंतर्गत कुछ अधिगम के सिद्धांत Theory Of Learning in hindi  दिए हैं जो निम्नलिखित है-

1. प्रयास एवं भूल का सिद्धांत :-

इस सिद्धांत का प्रतिपादक थार्नडाइक हैं। उन्होंने बताया कि अगर हम किसी भी बालक की उत्तेजना बढ़ा दे तो वह उसके प्रति अनुक्रिया करता है बार-बार उस अनुक्रिया को दोहराता है। तो उसमें सीखने की क्षमता भी बढ़ती है।

2. शास्त्रीय अनुबंधन का सिद्धांत

इस सिद्धांत का प्रतिपादक पावलव थे। उनके अनुसार यदि हम किसी की उत्तेजना के समांतर अगर कोई संकेत निर्धारित कर देते हैं तो वह समान प्रतिक्रिया करता है। जितना कि वह उत्तेजना बढ़ाने पर करता था।

3. क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत

किस सिद्धांत के प्रतिपादक स्किनर है। इनके अनुसार वे अनुक्रियाएं जो जानवरों और मानवो द्वारा अपने ऐच्छिक रूप से की जाती है क्रियाप्रसूत कहलाती है। इसमें प्राणी पर्यावरण में सक्रिय होकर स्वयं कार्य करता है।

4. अंतर्दृष्टि/ सूझ का सिद्धांत

इस सिद्धांत के प्रतिपादक जर्मनी मनोवैज्ञानिक को कोहलर,कोफ्ता और वर्दीमर हैं। किस मनोवैज्ञानिक के अनुसार हम अपने बुद्धि को को छोटे-छोटे अंश में नहीं देखते हैं बल्कि एक संगठित अथवा समग्र रूप से देखते हैं।

5. पदानुक्रम में अधिगम सिद्धांत

इस सिद्धांत में सीखने की मानवीय क्षमता के सकारात्मक परिवर्तन के रूप में बताया है। जिसे कोई भी व्यक्ति विशेष अपन करता है इसके अनुसार सीखना व्यक्ति के मस्तिष्क के अंदर घटित होने वाली एक प्रक्रिया है। जैविक प्रक्रिया से की है इसके अंतर्गत सीखने के कई प्रकार बताए गए हैं।

6. अभिप्रेरणा का सिद्धांत

किसी भी शिक्षण का मुख्य बिंदु अभिप्रेरणा करना है ।अभिप्रेरणा का सिद्धांत शिक्षण के लक्ष्य को निर्धारित करता है ।नैतिक, चारित्रिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास की इनमें होता है। अभिप्रेरणा शिक्षार्थी को आंतरिक बल प्रदान करती है जिससे क्रियाशील बना रहता है। उसमें अधिगम के प्रति रुचि उत्पन्न होती है।

7. क्रियाशीलता का सिद्धांत

इस सिद्धांत का मुख्य उद्देश्य करके सीखना है। शिक्षा ग्रहण करने वाला जब हुआ स्वयं करके सीखता है तो वह उसके स्थाई ज्ञान में शामिल हो जाता है। यह सिद्धांत विद्यार्थियों के वास्तविक अवलोकन को उत्साहित करता है। इस सिद्धांत में शिक्षार्थी जितना अधिक क्रियाकलापों में शामिल होता है उसका ज्ञान उतना ही व्यापक होता है।

अतः हम लोग इस पोस्ट के जरिए अधिगम क्या है अधिगम के सिद्धांत Theory Of Learning कौन-कौन से हैं
अधिगम सिद्धांत के प्रतिपादक कौन हैं?  इन सभी के बारे में बारीकी से अध्ययन किया।

अधिगम-अर्थ, परिभाषा और सिद्धांत For CTET Click Here