बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं

आज की इस लेख में हम लोग हैं बालक के विकास से संबंधित हर एक पहलुओं का अध्ययन करेंगे। हम लोग जानेंगे कि बाल विकास क्या है तथा बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं?

बाल विकास क्या है?

बाल विकास का तात्पर्य बालकों के सर्वांगीण विकास से है। सर्वांगीण विकास का मतलब बालक में मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक, शारीरिक एवं व्यवहारिक विकास होता है। इन सभी प्रकार के विकास को बाल विकास कहते हैं।

ऐसा देखा जाता है कि कई बच्चों का विकास की दर अच्छी रहती है परंतु कई बालकों का विकास रुक जाता है। वह कौन से कारक है जिसके कारण बाल विकास प्रभावित होती है। हम लोग कुछ ऐसे कारकों के बारे में अध्ययन करते हैं जो बाल विकास को प्रभावित करता है।

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बाल विकास को प्रभावित करने वाला कारक:-

बाल विकास को प्रभावित करने वाला कारक निम्नलिखित है:-

अनुवांशिकता :- अनुवांशिकता का मतलब बालक का वह आंतरिक गुण है जो माता पिता से प्राप्त होता है। जैसे:- बालक का रंग रूप, लंबाई, बुद्धि इत्यादि। यह सभी गुण बाल विकास को प्रभावित करता है।

जन्म एवं जन्म पूर्व की परिस्थितियां :- बालक का विकास मां के गर्भ से ही शुरू हो जाता है। मां का शारीरिक स्वास्थ्य, पौष्टिक भोजन एवं उचित देखभाल से बालक की विकास प्रभावित होता है। जैसे :- अगर मां का शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा होता है तो बालक भी स्वस्थ जन्म लेता है।

पोषण:- बालक का सर्वांगीण विकास के लिए संतुलित आहार की जरूरत होती है। संतुलित आहार सही पोषण हो पाता है। जैसे :- अगर बालों को उचित पोषण नहीं मिलता है तो वह कुपोषित हो जाता है और उसका शारीरिक तथा मानसिक विकास भी रुक जाता है।

वातावरण:- बालक के विकास में वातावरण की अहम भूमिका होती है। सकारात्मक वातावरण में रहने वाले बालक में सकारात्मक प्रभाव देखना कोई मिलता है और नकारात्मक वातावरण में रहने वाले बालक पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जैसे:- धार्मिक परिवेश में रहने वाले बालक में धार्मिक प्रवृत्ति आ जाती है। वहीं दूसरी तरफ गाली-गलौज वाले माहौल में रहने वाले बालक में सोता ही गाली-गलौज करना जैसी प्रवृत्ति आ जाती है।

बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं?

लिंग:- समाज में लिंग के आधार पर चल रही रूढ़िवादी धारणा के कारण बालक का विकास प्रभावित होता है। जैसे:- लड़का लड़की के शिक्षा में भेदभाव, खेलकूद में भेदभाव, कार्य में भेदभाव इत्यादि।

परिवार की सामाजिक आर्थिक स्थिति:- बालक के विकास में परिवार की आर्थिक स्थिति का भी प्रभाव पड़ता है। जैसे:- जिस परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय होती है उस परिवार में बालक को सही से खानपान नहीं मिलता है। जिससे उसका विकास रुक जाता है। वही आर्थिक स्थिति से संपन्न में परिवार में बालक का विकास सही से हो पाता है।

शिक्षक:- बालक के विकास में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। शिक्षक बालक का संवेगात्मक, संज्ञानात्मक और सामाजिक विकास के साथ-साथ खेलकूद, व्यायाम इत्यादि का भी शिक्षा देते हैं जो बालक के विकास को प्रभावित करता है।

आज के लेख में हम लोगों ने बाल विकास एवं बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक के बारे में अध्ययन किया। मैं उम्मीद करता हूं कि यह लेख आप लोगों के लिए उपयोगी होगा।

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