भ्रमण विधि क्या है? पर्यटन/भ्रमण विधि के गुण, दोष एवं भ्रमण विधि के महत्व।

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भ्रमण विधि क्या है? पर्यटन/भ्रमण विधि के गुण, दोष एवं भ्रमण विधि के महत्व।

इस लेख में हम लोग “भ्रमण विधि” का अध्ययन करेंगे। हम लोग जानेंगे कि पर्यटन/भ्रमण विधि क्या है? भ्रमण विधि के गुण एवं पर्यटन/भ्रमण विधि के दोष क्या है? साथ ही साथ हम लोग यहां भी जानेंगे कि भ्रमण विधि के महत्व एवं विशेषताएं क्या है?

पर्यटन/भ्रमण विधि क्या है?

पर्यटन या भ्रमण विधि एक शिक्षण अधिगम विधि है। भ्रमण विधि के द्वारा बालकों को विद्यालय से बाहर पर्यटन पर ले जाया जाता है तथा वहां बालक चीजों का अवलोकन करके खुद से सीखता है।

पर्यटन/भ्रमण विधि के जनक पेस्टोलॉजी हैं।

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भ्रमण विधि में क्या होता है?

पर्यटन/भ्रमण विधि से पौधों, जानवरों, प्रकृति, पहाड़ों, ऐतिहासिक इमारतें, फसलों इत्यादि विषय का सार्थक अधिगम कराया जा सकता है।

एक उदाहरण के द्वारा समझते हैं:- कोई बालक को कक्षा कक्ष में उसके शिक्षक यह बताते हैं कि हाथी बहुत बड़ा जानवर होता है। उसके चार मोटे-मोटे पैर तथा एक बड़ा-सा सूढ़ होता है। हाथी के पास दो बड़े-बड़े कान भी होता है। तो बालक यह बात को सुनता है एवं उसे रट लेता है। कुछ दिनों बाद बालक उन बातों को भूल जाता है। लेकिन यही चीज बालक को प्रत्यक्ष रूप से हाथी को दिखाकर बताया जाता है तो बालक को यह बात हमेशा के लिए याद हो जाती है।
इस प्रकार से हम कर सकते हैं कि भ्रमण विधि एक उपयोगी शिक्षण विधि है।

भ्रमण विधि के गुण, विशेषताएं एवं महत्त्व

  • भ्रमण विधि कक्षा कक्ष की पढ़ाई को बाहरी दुनिया से जोड़ता है।
  • पर्यटन/भ्रमण विधि एक रोचक विधि है।
  • इस विधि द्वारा बालक प्रत्यक्ष रूप से चीजों को सीखता है।
  • भ्रमण विधि में बालक को रटना नहीं पड़ता है। बालक चीजों के अवलोकन से सीखता है इसीलिए इस से प्राप्त ज्ञान स्थाई होता है।
  • भ्रमण विधि एक बाल केंद्रित शिक्षण विधि है।
  • इस विधि में छात्र हमेशा सक्रिय रहते हैं।
  • भ्रमण विधि द्वारा बालक विषय वस्तु का अवलोकन करते हैं तथा विषय वस्तु के बारे में सहपाठियों तथा शिक्षकों के साथ चर्चा करते हैं।
  • इस विधि से बच्चों में अवलोकन, कल्पना, तर्क, टिप्पणी एवं निरीक्षण क्षमता जैसे कौशलों का विकास होता है।

पर्यटन/भ्रमण विधि के दोष

  • यह खर्चीली विधि है।
  • इस विधि द्वारा विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान के शिक्षण ही उचित रूप से दिया जा सकता है। अन्य विषयों के लिए यह विधि उतना सफल विधि नहीं है।
  • भ्रमण विधि द्वारा छात्रों में अनुशासन ही नेता उत्पन्न हो सकता है।
  • इस विधि के द्वारा विषय वस्तु सही समय पर समाप्त नहीं हो पाते हैं। क्योंकि इस विधि में अधिक समय लगता है।

आज के लेख में हम लोगों ने भ्रमण विधि के बारे में अध्ययन किया। हम लोगों ने जाना कि पर्यटन/भ्रमण क्या है? भ्रमण विधि के गुण क्या है? पर्यटन विधि के दोष क्या है? भ्रमण विधि के महत्व एवं विशेषताएं कौन-कौन से हैं?

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