Category Archives: CDP NOTES

बाल अपराध क्या है? बाल अपराध का अर्थ,परिभाषा एवं कारण

आज हम लोग इस लेख में एक सामाजिक समस्याओं के बारे में अध्ययन करेंगे वह समस्या है :- बाल अपराध। इस लेख में हम लोग बाल अपराध से जुड़े हैं हर एक पहलुओं विस्तृत रूप से अध्ययन करेंगे। बाल अपराध क्या है? हम लोग जानेंगे कि बाल अपराध किसे कहते हैं? बाल अपराध की परिभाषा क्या… Read More »

पिछड़े बालक किसे कहते हैं? पिछड़े बालक की परिभाषा एवं पहचान

इस पोस्ट के माध्यम से हम लोग यह जानेंगे कि पिछड़े बालक किसे कहते हैं? पिछले बालक की परिभाषा क्या है तथा पिछड़े बालक की पहचान क्या है? पिछड़े बालक किसे कहते हैं? पिछड़े बालक का तात्पर्य वैसे बालक से जो अपने कक्षा में अपने सहपाठियों की तुलना में शिक्षा को ग्रहण करने में काफी… Read More »

सृजनशील बालक किसे कहते हैं? अर्थ परिभाषा एवं पहचान

इस लेख के माध्यम से हम लोग जानेंगे कि सृजनशील बालक किसे कहते हैं? सृजनशील बालक की परिभाषा क्या है तथा सृजनशील बालक की पहचान क्या है? सृजनशील बालक का अर्थ सृजनशील का अर्थ होता है- सृजन करना अर्थात नए चीजों का निर्माण करना। अतः सृजनशील बालक अर्थ हुआ नए चीजों का सृजन या निर्माण करने… Read More »

विशिष्ट बालक किसे कहते हैं? अर्थ परिभाषा एवं पहचान

आज हमलोग CTET, TET, D.El.Ed and B.Ed के अंतर्गत आने वाले एक बहुत ही महत्वपूर्ण Topic के बारे में पढ़ेंगे वह Topic है – विशिष्ट बालक। हमलोग विस्तार पूर्वक अध्ययन करेंगे कि विशिष्ट बालक किसे कहते हैं? विशिष्ट बालक की परिभाषा क्या है? साथ ही साथ यह भी जानेंगे कि विशिष्ट बालक की पहचान क्या… Read More »

बाल्यावस्था किसे कहते हैं? पूर्व बाल्यावस्था एवं उत्तर बाल्यावस्था

बाल्यावस्था किसे कहते हैं? बाल्यावस्था बालक के विकास के क्रम में आने वाला एक अवस्था होता है। यह अवस्था शैशवावस्था के बाद तुरंत आ जाती है। बाल्यावस्था 6 से 12 वर्ष तक की अवस्था होती है। विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने बाल्यावस्था की उम्र को अलग-अलग बताया है। किसी ने 2 से 12 वर्ष तक की अवस्था… Read More »

शैशवावस्था किसे कहते हैं? Shaishva Avashtha Kya hai

शैशवावस्था किसे कहते हैं? Shaishva Avashtha Kya hai  शैशवावस्था की परिभाषा बालक के जन्म से लेकर 6 वर्ष तक की आयु को शैशवावस्था या शैशवकाल कहते हैं। इस अवस्था में बालक पूर्ण रूप से पराश्रित होता है।अर्थात वह पूरी तरह दूसरे पर निर्भर रहता है। उसके विकास देखभाल के लिए माता-पिता व परिवार के सदस्य… Read More »

बचपन किसे कहते हैं? Childhood Kya hai?

Bachpan Kise kahte hain? बचपन किसे कहते हैं? Childhood Kya hai? बचपन की अवधारणा बालक के जन्म से लेकर किशोरावस्था से पहले तक का काल को बचपन कहते है। बचपन को शैशवावस्था भी कहते हैं। बचपन में बच्चा एक कोरी स्लेट की तरह होता है जिस पर कुछ भी लिखा जा सकता है। बचपन में… Read More »

ब्रूनर के सीखने का सिद्धांत Brunar’s Theory

ब्रूनर के सीखने का सिद्धांत Brunar’s Theory जेरोम ब्रूनर (Jerome Seymour Bruner (1 अक्टूबर, 1915 – 5 जून, 2016) एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे। उन्होंने मानव के संज्ञानात्मक मनोविज्ञान तथा संज्ञानात्मक अधिगम सिद्धान्त (cognitive learning theory) पर अपना एक उल्लेखनीय योगदान दिया। ब्रूनर का सिद्धान्त बालक के पूर्व अनुभवों तथा नये विषय-वस्तु में समन्वय के लिए… Read More »

व्याख्यान विधि क्या है? What is Lecture Method?

व्याख्यान विधि क्या है? Lecture Method व्याख्यान विधि क्या है? व्याख्यान विधि सबसे सरल तथा सबसे प्राचीन शिक्षण विधि है।इस विधि में किसी भी पाठ को भाषण के रूप में बालकों के सामने पेश किया जाता है।इसमें अध्यापक किसी विषय पर कक्षा में व्याख्यान देते हैं तथा छात्र निष्क्रिय श्रोता होकर सुनते रहते हैं।व्याख्यान विधि… Read More »

प्रदर्शन विधि क्या है? Demonstration Method

प्रदर्शन विधि क्या है? Demonstration Method प्रदर्शन विधि क्या है? प्रदर्शन विधि शिक्षण विधि में सबसे उत्कृष्ट विधि मानी जाती है क्योंकि इस विधि में विद्यार्थी और अध्यापक दोनों ही सक्रिय भाग लेते हैं। इस विधि को सार्थक विधि मानी जाती है क्योंकि इसमें से ध्यान तो या तत्व को प्रयोग द्वारा समझा जा सकता… Read More »