वायवीय श्वसन तथा अवायवीय श्वसन में अंतर

Difference Between Aerobic Respiration and Anaerobic Respiration:- वायवीय श्वसन तथा अवायवीय श्वसन में अंतर को जानने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि वायवीय श्वसन तथा अवायवीय श्वसन किसे कहते हैं? वायवीय श्वसन तथा अवायवीय श्वसन की परिभाषा क्या है? तो चलिए हम लोग में एक-एक करके वायवीय श्वसन तथा अवायवीय श्वसन के बारे में जानते हैं।

अवायवीय श्वसन (Aerobic Respiration) किसे कहते हैं?

यह श्वसन की प्रक्रिया का प्रथम चरण होता है जिसके अंतर्गत ग्लूकोज का आंशिक विखंडन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है। इस क्रिया के द्वारा एक अणु ग्लूकोज से दो अणु पायरुवेट का निर्माण होता है। यह प्रक्रिया कोशिका द्रव्य में होती है।

यानी कि हम लोग कह सकते हैं कि अवायवीय श्वसन श्वसन में गुलकोज का सिर्फ आंशिक विखंडन ही होता है और इसमें ऊर्जा का मात्रा में ही मुक्त हो पाती है।

वायवीय श्वसन (Anaerobic Respiration) किसे कहते हैं?

वायवीय श्वसन में प्रथम चरण में बना पायरुवेट पूर्ण ऑक्सीजन की उपस्थिति में माइटोकॉन्ड्रिया में चला जाता है। माइटोकॉन्ड्रिया में तीन कार्बन वाले पायरुवेट अणु का विखंडन होता है जिससे तीन कार्बन डाइऑक्साइड के अणु बनते हैं। इसके साथ-साथ जल तथा रासायनिक ऊर्जा भी मुक्त होती है।

उपरोक्त लेख में हम लोगों ने वायवीय श्वसन तथा अवायवीय श्वसन के बारे में जानकारी प्राप्त की। अब हम लोग वायवीय श्वसन तथा अवायवीय श्वसन में अंतर के बारे में जानते हैं जो निम्नलिखित है :-

वायवीय श्वसन तथा अवायवीय श्वसन में अंतर

वायवीय श्वसन अवायवीय श्वसन
1.वायवीय श्वसन ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है। 1.अवायवीय श्वसन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है।
2.वायवीय श्वसन में ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है। 2.अवायवीय श्वसन में ग्लूकोज का आंशिक ऑक्सीकरण होता है।
3.इस प्रकार के श्वसन के फलस्वरुप कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल का निर्माण होता है। 3.इस प्रकार के श्वसन के अंत में पायरुवेट एवं लैक्टिक अम्ल (इथेनॉल) का निर्माण होता है।
4.वायवीय श्वसन का प्रथम चरण कोशिका द्रव में तथा द्वितीय चरण माइटोकॉन्ड्रिया में पूरा होता है। 4.अवायवीय श्वसन की पूरी प्रक्रिया कोशिका द्रव्य में ही संपन्न होती है।
5.वायवीय श्वसन अवायवीय श्वसन के तुलना में ज्यादा ऊर्जा मुक्त करती है। 5.अवायवीय श्वसन वायवीय श्वसन के अपेक्षाकृत कम ऊर्जा मुक्त करती है।
6.वायवीय श्वसन उच्च श्रेणी के जीवों में होता है जैसे :- पौधा, मानव, हिरण, पक्षी इत्यादि। 6.अवायवीय श्वसन निम्न श्रेणी के अंतर्गत आने वाले जीवो में होता है। जैसे :- यीस्ट, फीता कृमि।

 

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