What is the importance of environmental education in Hindi.(EVS Pedagogy for CTET)

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पर्यावरण शिक्षण के महत्व

  • पर्यावरण संरक्षण का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण की समस्याओं को समझना, उनके निदान और पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक होना है
  • पर्यावरण शिक्षण के माध्यम से हम पर्यावरण को संतुलित रखना सीखते हैं
  • पर्यावरण शिक्षा हमारे चेतना को बढ़ावा देती है
  • पर्यावरण शिक्षण हमें पर्यावरण और मनुष्य की क्रियाओं के बीच के संबंध को दर्शाता है I
  • पर्यावरण शिक्षण से हमें यह पता चलता है कि पर्यावरण के घटक- जैविक( पेड़ -पौधे, जानवर) और अजैविक घटक( जल, हवा, प्रकाश इत्यादि) हमारे लिए क्यों आवश्यक है I
  • पर्यावरण के शिक्षण से हमें प्रदूषण एवं उससे होने वाले दुष्प्रभाव के विषय में जानकारी प्राप्त होता है

पर्यावरण शिक्षण के उद्देश्य

जब हम पर्यावरण शिक्षा प्राप्त करते हैं तों हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि उसमें पर्यावरण के महत्व निहित हो अन्यथा वह शिक्षा व्यर्थ हैI पर्यावरण के शिक्षण के दौरान हमें पियाजे की कथन,” बच्चे दुनिया के बारे में अपनी समझ का सृजन करते हैं” को नजर रखते हुए निम्न उद्देश्यों को ध्यान में रखना चाहिए-
  • पर्यावरण के प्रति विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रूचि,कल्पना, एवं चिंतन शक्ति का विकास कराना चाहिएi
  • आसपास के पर्यावरण से विद्यार्थियों को परिचित कराना चाहिएI
  • विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संपूर्ण दृष्टिकोण का विकास कराना चाहिएI
  • पर्यावरण प्रदूषण एवं पर्यावरण संरक्षण के विषय का जानकारी देना चाहिएI
  • विद्यार्थियों को सामाजिक समस्याओं से अवगत कराना चाहिएI
  • मनुष्य के जीवन पर पड़ने वाले पर्यावरण के विभिन्न प्रभावों को बताना चाहिएI
  • विद्यार्थियों में सामाजिक परिवेश के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता का विकास कराना चाहिए I
  • सार्थक अधिगम हेतु कक्षा की गतिविधियों को विद्यालय के बाहर के परिवेश से जोड़ना चाहिए तथा बच्चों को प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना चाहिए I

सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले कारक

किसी भी बच्चे के सीखने की प्रक्रिया निम्नलिखित कारकों से प्रभावित होती है-
1. व्यक्तिगत कारक
2.वातावरणीय कारक

व्यक्तिगत कारक

इन कारकों में निम्नलिखित कारक आते हैं-
  • बुद्धि, रूचि, इच्छा, परिपक्वता, अभिप्रेरणा
  • अभ्यास, चिंता, थकान
  • स्वअध्ययन की विधि

वातावरणीय कारक

यह कारक निम्नलिखित है –
  • परिवार, विद्यालय एवं समाज का वातावरण
  • शिक्षक का व्यक्तित्व, अध्यापन विधि और अध्यापन सामग्री
  • विषय का स्तर पुरस्कार एवं दंड
  • शिक्षा की गुणवत्ता
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