आज हम लोग एक बहुत ही रोचक विषय पर अध्ययन करेंगे। वह रोचक विषय है “द्रव्य “जी हां, आज हम लोग द्रव्य के बारे में संपूर्ण अध्ययन करेंगे। हम लोग इस लेख के माध्यम से पढ़ेंगे की द्रव्य किसे कहते हैं, द्रव्य के गुण क्या होते हैं, द्रव्य की परिभाषा क्या है साथ ही साथ हम लोग यह भी पढ़ेंगे की द्रव्य के अवस्था कौन-कौन से हैं। तो चलिए सबसे पहले हम लोग जानते हैं कि द्रव्य क्या है?

द्रव्य किसे कहते हैं?

हमारा ब्रह्मांड पदार्थ और ऊर्जा से मिलकर बना है। हम द्रव्य वस्तुओं जैसे:- घर, वृक्ष, जल, जंतु इत्यादि से पूरी तरह से गए हुए हैं। इन सभी वस्तुओं की उपस्थिति का हमारी पांच में से एक या एक से अधिक इंद्रियों के द्वारा अनुभव किया जाता है। यह इंद्रियां है :- दृष्टि, श्रवण, स्वाद, गंध और स्पर्श। अर्थात हम कर सकते हैं कि वह सारे वस्तुएं जो हमारे इंद्रियों के द्वारा महसूस किया जाता है उसे द्रव्य कहते हैं।

द्रव्य की परिभाषा

वह वस्तु जो स्थान घेरती हो, जिसमें द्रव्यमान हो तथा जिसका एहसास हमारी इंद्रियों के द्वारा किया जा सकता है, द्रव्य कहलाता है।

दुनिया में जाने कितने और क्या-क्या चीजें भरी पड़ी है। जंगल पहाड़, नदी तालाब, मिट्टी घास, पेड़ पौधे, जीव जंतु, स्याही दवात न जाने कितने और भी चीजें हैं। हर चीज के लिए कुछ ना कुछ जगह की जरूरत होती है, कहने का मतलब यह है की चीजों का आयतन होता है। हरि की चीजों में कुछ ना कुछ द्रव्यमान होते हैं यानी चीजों का भार होता है। इन सभी चीजों को द्रव्य कहते हैं।

द्रव्य एक तरह का नहीं होता है, कुछ ऐसे द्रव्य होते हैं जिन्हें पहचानना काफी मुश्किल हो जाता है। कुछ ऐसे द्रव्य हैं जिसे हम लोग आसानी से देख सकते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी द्रव्य जिसे हम लोग देख नहीं सकते हैं सिर्फ महसूस कर सकते हैं। जैसे :- हवा।

द्रव्य बाहर से भले ही अलग-अलग रूप रंग आकार प्रकार में दिखते होंगे लेकिन सभी द्रव्य के अंदर यह तीन बातें देखने को मिलती है।

वे तीन बातें हैं :-

  1. हर एक द्रव्य कुछ ना कुछ जगह लिए रहता है, यानी द्रव्य में आयतन होता है।
  2. हर एक द्रव्य का कुछ ना कुछ वजन होता है। यानी द्रव्य में द्रव्यमान होता है।
  3. प्रत्येक द्रव्य की गति होती है।

द्रव्य किसे कहते हैं?

द्रव्य का वर्गीकरण

द्रव्य को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है:-

  1. ठोस अवस्था
  2. गैसीय अवस्था
  3. द्रव अवस्था

द्रव्य के तीन रूपों का हम जिक्र कर चुके हैं – ठोस, तरल और गैस। इसके अलावा भी एक और प्रकार से पदार्थों को बांटा जा सकता है – मौलिक और यौगिक द्रव्य के रूप में।

पदार्थ किसे कहते हैं?

मौलिक द्रव्य क्या है?

वैसे पदार्थ जिसका कोई खंड नहीं किया जा सके यानी उस द्रव्य का निर्माण स्वयं से हुआ हो उसमें किसी तरह का अन्य पदार्थ का मिलावट नहीं हो उसे ‌मौलिक द्रव्य कहते हैं। जैसे:- हाइड्रोजन, हिलियम, लिथियम इत्यादि।

सभी तत्व मौलिक द्रव्य के उदाहरण है।

यौगिक द्रव्य क्या है?

यौगिक द्रव्य के अंतर्गत उन पदार्थों को रखा गया है जिसका निर्माण दो या दो से अधिक द्रव्य के मिलने के फल स्वरुप हुआ हो। उदाहरण के रूप में हम लोग जल को लेते हैं।

जल एक यौगिक द्रव्य है क्योंकि यह दो प्रकार के पदार्थ से मिलकर बना है वह पदार्थ है हाइड्रोजन और ऑक्सीजन।

हेनरी कैवेंडिस नामक वैज्ञानिक ने साबित किया था कि पानी में दो पदार्थों की मिलावट है।

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