आज हम लोग NCERT CLASS 4 EVS NOTES FOR CTET IN HINDI के बारे में अध्ययन करेंगे। हमने NCERT CLASS 4 के EVS के संपूर्ण NOTES को बिंदु के रूप में संग्रहित किया है जिसे आप आसानी से पढ़कर याद कर सकते हैं।

NCERT CLASS 4 EVS NOTES FOR CTET IN HINDI
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NCERT CLASS 4 EVS NOTES FOR CTET IN HINDI [ncert evs notes for class 4]

असम राज्य में बच्चे स्कूल कैसे जाते हैं?

भारत में एक राज्य हैं असम जहां बारिश बहुत होती है। यहां के बच्चे एक हाथ में किताब उठाते हैं और दूसरे हाथ से बांस को पकड़ते हैं और जल्दी जल्दी बांस और रस्सी से बना पुल पार कर स्कूल जाते हैं।

लद्दाख में बच्चे स्कूल कैसे जाते हैं?

स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को रोज नदी पार करनी होती है। नदी के एक छोर से दूसरे छोर ताकत लोहे की मजबूत रस्सी होती है याद रस्सी दोनों तरफ से भारी पत्थरों या पेड़ों से कसकर बंधी रहती है। लकड़ी से बना एक झूला होता है जिसे ट्रॉली कहते हैं। ट्रॉली में चार पांच बच्चे की एक साथ बैठकर स्कूल को जाते हैं।

वल्लम क्या होता है? (ncert evs notes for ctet)

लकड़ी से बनी छोटी नाव को वल्लम कहते हैं। वल्लम के प्रयोग से केरल के कुछ भाग में बच्चे पानी को पार करके स्कूल तक पहुंचते हैं।

ऊंट गाड़ी किसे कहते हैं?

रेगिस्तान में दूर-दूर तक रहती है रेत नजर आती है। दिन में रेत खूब तपती है। ऐसे में बच्चे ऊंट गाड़ी में बैठकर स्कूल जाते हैं।

बैलगाड़ी किसे कहते हैं?

बैलगाड़ी का उपयोग मैदानी इलाके में किया जाता है। यहां के बच्चे बैलगाड़ी में बैठकर स्कूल जाते हैं।

जुगाड़ गाड़ी किसे कहते हैं?

जुगाड़ गाड़ी फट फट करती हुई चलती है। इसमें आगे से मोटर बाइक लगी रहती है तथा पीछे का भाग लकड़ी के पट्टे से बना होता है।

पक्षियों के कान दिखते नहीं हैं, लेकिन उनके सिर के दोनों तरफ छोटे-छोटे छेद होते हैं। यह पंखों से ढके रहते हैं। इन्हें के माध्यम से पक्षी सुनते हैं।

छिपकली मैं छोटे-छोटे छेद जैसे कान दिखाई देते हैं।

मगरमच्छ में भी छोटे-छोटे छेद जैसे कान होते हैं जो आसानी से दिखाई नहीं देते हैं।

जिन जानवरों के कारण बाहर दिखाई देते हैं, उनके शरीर पर बाल होते हैं और वे बच्चे देते हैं।

हाथी से जुड़े रोचक तथ्य

एक बड़ा हाथी 1 दिन में एक 100 किलोग्राम से ज्यादा पत्ते और झाड़ियां खा लेता है।

हाथी 1 दिन में केवल 2 से 4 घंटे ही सोता है।

हाथियों के झुंड में केवल हथनियां और बच्चे ही रहते हैं।

हाथी के झुंड की सबसे बुजुर्ग हथिनी पूरे झुंड की नेता होती है।

एक झुंड में 10 से 12 हाथनियां और बच्चे होते हैं।

हाथी 14 से 15 साल तक ही झुंड में रहते हैं। इसके बाद वे झुंड छोड़ देते हैं और अकेले रहते हैं।

खेजड़ी नामक पेड़ की विशेषताए़ं

खेजड़ी एक पेड़ है जो रेगिस्तानी इलाके में पाया जाता है। इसे ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है। इस पेड़ की छाल का दवा बनाई जाती है और इसके लकड़ी में कभी कीड़ा नहीं लगता है। इस पेड़ की फलियों की सब्जी भी बनाई जाती है।

NCERT CLASS 4 EVS NOTES FOR CTET IN HINDI { हिंदी में CTET पर्यावरण अध्ययन नोट्स }

आरटीआई अधिनियम 2009, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है।

अनिता कुशवाहा बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के बोचहा गांव में रहती है।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के बोचहा गांव के तरफ के इलाके में लीची का पेड़ बहुत ज्यादा पाया जाता है। लीची के फूल मधुमक्खियों को लुभाते हैं इसीलिए यहां के लोग मधुमक्खियां का पालन करते हैं।

मधुमक्खियां से जुड़ी रोचक तथ्य

मधुमक्खी पालन शुरू करने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से दिसंबर के बीच का महीना होता है।

अक्टूबर से दिसंबर तक का समय मधुमक्खियों के अंडे देने का समय होता है।

हर छत्ते में एक रानी मक्खी होती है जो अंडे देती है।

चीटियों से जुड़े रोचक तथ्य

सभी चीटियों का काम बटा होता है। रानी चींटी अंडे देती है,सिपाही छोटी बिल का ध्यान रखती है और काम करने वाली चीटियां भोजन ढूंढ कर बिल तक लाती है।

दीमक और ततैये भी चींटी और मधुमक्खियों की तरह ही समूह में रहते हैं।

गोवा से केरल तक के रेल के रास्ते में 92 सुरंगे और 2000 पुल है।

कर्णनम मल्लेश्वरी

कर्णनम मल्लेश्वरी एक वेट लिफ्टर है। यह आंध्र प्रदेश की रहने वाली है। इसके पापा पुलिस में हवलदार हैं। यह जब 12 साल की थी, तब से ही वजन उठाने का अभ्यास करने लगी थी। आज हुए एक बार में 130 किलोग्राम तक वजन उठा लेती है।

कर्णनम मल्लेश्वरी भारत के बाहर 29 मेडल जीत चुकी है।

मधुबनी पेंटिंग क्या है?

मधुबनी चित्रकला बहुत पुरानी चित्रकला है। बिहार के मधुबनी जिला में यह चित्रकला की शुरुआत हुई थी इसीलिए इस चित्रकला का नाम मधुबनी चित्रकला पड़ा।

मधुबनी में त्योहारों और खुशी के मौकों पर वहां के लोग घर की दीवारों पर और आंगन में इस तरह का चित्र बनाते हैं।

मधुबनी चित्रकला में पिसे हुए चावल के घोल में रंग मिलाकर चित्र बनाए जाते हैं। यह रंग भी खास तरह के होते हैं। इन्हें बनाने के लिए नील, हल्दी,फूल पैरों के रंग आदि को इस्तेमाल में लाया जाता है।

मधुबनी पेंटिंग में इंसान, जानवर, पेड़, फूल, पंछी, मछलियां और अन्य कई जीव जंतु साथ में बनाए जाते हैं।

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गुलाब जल और ग्लिसरीन बराबर मात्रा में मिलाकर तथा उसमें कुछ बूंदे नींबू को डाल कर के अच्छी तरह से मिलाकर इसका इस्तेमाल करने से सर्दी के दिनों में त्वचा नहीं फटती है।

उत्तर प्रदेश का कन्नौज जिला इत्र के लिए मशहूर है।

विभिन्न प्रकार के चिड़िया तथा उनके घोसले

कलचिड़ी एक पक्षी का नाम है जिसे इंडियन रोबिन कहते हैं। यह पक्षी पत्थरों के बीच में छोटे से घोसला बनाकर उसमें अंडे देती है।

कोयल अपना घोंसला खुद नहीं बनाती है वह कव्वे के घोंसले में अंडे देती है। कौवा अपने अंडों के साथ-साथ कोयल के अंडे को भी सेता है।

दर्जनी चिड़िया अपने नुकीले चौथ की सहायता से पत्तों को सी लेती है और इसके बीच में बनी थैली को अंडे देने के लिए तैयार करती है।

शक्कर खोरा पेड़ या झाड़ी की डाली पर अपना लटकता घोंसला बनाती है। या घोसले बनाने के लिए बाल, घास, पतली टहनियां, सूखे पत्ते, रूई इत्यादि का उपयोग करती है।

वीवर पक्षी में केवल नर वीवर पक्षी ही घोंसला बनाता है। तथा मादा विवर उन सभी घोंसलो को देखती है उनमें से जो उसे सबसे अच्छा लगता है उसमें ही वह आने देती है।

जानवरों के दांत

गाय के आगे के दांत छोटे होते हैं जिससे वह पत्ते को काटती है। घास चबाने के लिए पीछे के दांत चपटे और बड़े होते हैं।

बिल्ली के दांत नुकीले होते हैं जो मांस फाड़ने और काटने के काम आते हैं।

सांप के दांत बहुत लोग पीले होते हैं पर वह अपने शिकार को चबाकर नहीं खाता बल्कि पूरा निगल जाता है।

गिलहरी के दांत हमेशा बढ़ते रहते हैं। दांतों से काटने और उतरने के कारण इनके दांत घिसते रहते हैं।

रेगिस्तानी ओक

ऑस्ट्रेलिया में एक पेड़ पाया जाता है जिसका नाम है रेगिस्तानी ओक। इस पेड़ की ऊंचाई लगभग क्लास के दीवार के बराबर होती है और इस पर में पत्तियां बहुत ही कम होती है।

यहां के लोग जब कभी भी इलाके में पानी नहीं होता है तो रेगिस्तानी ओक के तने के अंदर पतला पाइप डालकर पानी निकाल लेते हैं।

NCERT CLASS 4 EVS NOTES FOR CTET IN HINDI [ncert class 4 evs notes]

गुरुद्वारे में एक साथ मिलकर खाना पकाने और खाने को लंगर कहते हैं।

पोचमपल्ली तेलंगाना राज्य में स्थित है यहां के लोग बुनकर का कार्य करते हैं।

कुल्लू की शाॅल, मधुबनी पेंटिंग, असम की सिल्क, कश्मीरी कढ़ाई काफी प्रसिद्ध है।

रेगिस्तानी इलाका में बारिश नहीं होती है इसीलिए वहां पानी के अभाव होती है लेकिन वहां रेतीली जमीन के नीचे तेल होता है। इसीलिए वहां पानी से सस्ता पेट्रोल होता है।

अबू धाबी में ज्यादातर खजूर के ही पेड़ दिखाई देते हैं क्योंकि वही एक ऐसा पेड़ है जो वहां उठ सकता है।

केरल में घर के आंगन में मसालों का बगीचा होता है। वहां के लोग घर के आंगन में ही तेजपत्ता, छोटी इलायची, बड़ी इलायची, काली मिर्च इत्यादि को उगाते हैं।

प्रिज्म में क्या होता है?

प्रिज्म एक कांच होता है जो सात रंग दिखाता है।

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