प्रश्न बनाने के चरण कौन-कौन से हैं?Pegagogy for CTET

एक संतुलित प्रश्न-पत्र बनाने की निम्नलिखित चरण होते हैं:-

  • रूपरेखा/ डिजाइन तैयार करना
  • ब्लूप्रिंट तैयार करना
  • प्रश्न लिखना
  • प्रश्नों का संपादन करना
  • योजना लिखना

प्रश्नों के प्रकार

मुख्य रूप से प्रश्न निम्न प्रकार के होते हैं:-
1. मुक्त अंत वाले प्रश्न :-
इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर मुक्त होते हैं I विद्यार्थी अपने समाज प्रश्न बनाने के चरण कौन-कौन से हैं ?
विद्यार्थी अपने समझ के अनुसार प्रश्नों का उत्तर देता है I जैसे- आज तुमने क्या खाया ?
2. सीमित अंत वाला प्रश्न:-
इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर में से शिक्षार्थी को एक उत्तर चुना होता है, जैसे- बहु वैकल्पिक प्रश्न I
3.निबंधात्मक प्रश्न:-
इस प्रकार के प्रश्न के उत्तर शिक्षार्थी अपने समाज के अनुसार देते हैं I इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर की कोई सीमा नहीं होती है I शिक्षार्थी अपने समाज के अनुसार अपने भाषा में इस प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देते हैं I
4.वस्तुनिष्ठ प्रश्न:-
इस प्रकार के प्रश्न 1 अंक के होते हैं I इस प्रकार के प्रश्नों में चार विकल्प दिए जाते हैं जिनमें से कोई एक सही होता है उसे शिक्षार्थी को लिखना होता है I वस्तुनिष्ठ प्रश्न के अंतर्गत- बहु वैकल्पिक प्रश्न, मिलान करने वाले प्रश्न, सही गलत वाले प्रश्न, रिक्त स्थान को भरने वाले प्रश्न इत्यादि आते हैं जो सारे के सारे एक अंक के होते हैं I
5.अभीसारी प्रश्न:-
यह कारण बताओ वाले प्रश्न होते हैं परंतु इनका उत्तर एक सीमा के अंदर होता है, जैसे- दिन और रात क्यों होते हैं ?
6. अपसारी प्रश्न:-
यह प्रश्न भी कारण बताने वाले प्रश्न होते हैं परंतु विश्लेषण, मूल्यांकन, संश्लेषण करने के बाद शिक्षार्थी अपने कल्पना से उत्तर देता है I
जैसे- क्या होगा अगर धरती पर से जल खत्म हो जाए ?
7. मूल्यांकन वाले प्रश्न:-
यह प्रश्न दो वस्तुओं के बीच तुलना प्रकट करते हैं, जैसे- पारंपारिक और गैर पारंपरिक ऊर्जा के स्रोत मैं समानता और समानताएं क्या है ?