प्रदर्शन विधि क्या है? Demonstration Method

प्रदर्शन विधि क्या है?

प्रदर्शन विधि शिक्षण विधि में सबसे उत्कृष्ट विधि मानी जाती है क्योंकि इस विधि में विद्यार्थी और अध्यापक दोनों ही सक्रिय भाग लेते हैं। इस विधि को सार्थक विधि मानी जाती है क्योंकि इसमें से ध्यान तो या तत्व को प्रयोग द्वारा समझा जा सकता है।

यह विधि विज्ञान शिक्षण के लिए काफी उपयुक्त विधि है। इस विधि में नए चीजों को विद्यार्थियों के सामने प्रदर्शित किया जाता है तथा उसके पश्चात विद्यार्थियों उन चीजों का अवलोकन करते हैं फिर नए तथ्यों का खोज करते हैं इससे उनमें सीखने की कौशलों का विकास होता है।

प्रदर्शन विधि हर विद्यार्थियों से यार कोशिश करवाता है कि वह स्वयं सिद्धांत का सत्यापन प्रयोग करके सीखें। विद्यार्थियों में निरीक्षण, तर्क एवं विचार शक्ति का विकास करता है।

प्रदर्शन विधि क्या है?

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प्रदर्शन विधि के गुण (Demerit of Demonstration Method)

  • इस विधि में छात्रों की श्रवन एवं दृष्टि सक्रिय रहती है तथा वे स्वयं देख कर सकते हैं जिससे सिद्धांत उनके मस्तिष्क में गहराई से बैठ जाते हैं।
  • प्रदर्शन विधि में विद्यार्थियों को तर्क करने का अवसर मिलता है तथा प्रयोग करने से पूर्व वह क्यों एवं कैसे आदि प्रश्न पर विचार करते हैं।
  • यह विधि छोटी कक्षाओं के तो काफी लाभदायक है क्योंकि बालक प्रयोग प्रदर्शन में ज्यादा रुचि रखते हैं तथा सीखने का प्रयत्न करते हैं।
  • यह विधि विद्यालय को प्रत्यक्ष ज्ञान देती है तथा उसमें प्रयोगात्मक प्रवृत्ति का विकास करती है।

प्रदर्शन विधि क्या है?

प्रदर्शन विधि के दोष (Merit of Demonstration Method)

  • अध्यापक जो प्रयोग करते हैं तो उनका ध्यान कक्षा अनुशासन की तरफ नहीं रहता है एवं बालक ठीक तरह से ध्यान नहीं देते हैं।
  • इस विधि में छात्रों को उपकरणों एवं यंत्रों के प्रयोग का अवसर नहीं मिल पाता है।
  • कभी-कभी अध्यापक द्वारा प्रयोग सफल नहीं हो पाता है।इससे विद्यार्थियों के मन में कई सुविधाएं पैदा हो जाती है। यह तभी होता है जब प्रयोग करने से पहले अध्यापक उसका अभ्यास नहीं करते हैं।प्रदर्शन विधि क्या है?

प्रदर्शन विधि के लिए सुझाव

  • प्रयोग करने से पहले अध्यापक का अभ्यास कर लेना चाहिए एवं प्रदर्शन करने से पहले सभी आवश्यक सामग्री मेज पर होनी चाहिए।
  • किसी भी तरह के प्रयोग के बारे में पहले अध्यापक द्वारा बच्चों को समझा देना चाहिए एवं प्रयोग प्रदर्शन ऐसे स्थान पर करना चाहिए जहां से हर विद्यार्थी देख सके।
  • प्रयोग करने से पहले बालों को को प्रयोग का ज्ञान, सामग्री एवं उपकरणों के बारे में बता देना चाहिए ताकि उन्हें प्रयोग समझने में कठिनाई ना हो।

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