RTE Act 2009 kya hai शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009। RTE Act 2009 kya hai

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एक ऐसा नियम है जिसके अंतर्गत राज्य के सभी वर्गों के 6 से 14 वर्ष के बीच आने वाले सभी बच्चों के लिए मुक्त एवं अनिवार्य गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा सुनिश्चित किया जाता है।

यह अधिनियम मूल रूप से वर्ष 2005 के शिक्षा के अधिकार विधायक का संशोधित रूप है। वर्ष 2002 में संविधान के 86वें संशोधन द्वारा अनुच्छेद 21ए के भाग 3 के माध्यम से 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया था।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009। RTE Act 2009 kya hai

शिक्षा का अधिकार अधिनियम कब लागू हुआ

4 अगस्त 2009 को यह अधिनियम लोकसभा में पारित किया गया तथा 1 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू हो गया।

RTE act full form :-

RTE act full form, Right To Education Act ( शिक्षा का अधिकार अधिनियम ) है। इसे Right Of Children To Free And Compulsory Education Act 2009. (निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009) के नाम से भी जाना जाता है।    

RTE Act 2009 भारतीय कानून है, जो 6-14 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा के लिए क़ानूनी अधिकार देता है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम RTE Act 2009 Kab Lagu Hua:- 

RTE Act भारतीय संसद द्वारा 4 अगस्त 2009 को पारित किया गया था तथा 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ। RTE act 1 अप्रैल 2010 को भारत के सभी राज्यों में लागू हुआ। सिर्फ जम्मू कश्मीर में लागू नहीं हुआ ।लेकिन अब जम्मू कश्मीर में RTE act लागू है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A को RTE Act कहते है। इस एक्ट के अनुसार 6-14 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा के लिए क़ानूनी अधिकार देता है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009। RTE Act 2009 kya hai

RTE act 2009 का उद्देश्य :-

हमारे संविधान के अनुच्छेद 45 धारा 21A मैं कहा गया है कि, प्रत्येक नागरिक को गरिमामय जीवन जीने का अधिकार है। गरिमामय जीवन तब जिएगा ,जब वह शिक्षित होगा। इसीलिए संविधान में RTE act का खास स्थान दिया गया ।जिससे 6 से 14 वर्ष के बच्चे प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर सकें, तथा शिक्षित होकर अपने जीवन को गरिमामय ढंग से निर्वाह करें।    

RTE act 2009 के उद्देश्यों के संक्षिप्त वर्णन :-

  • प्राथमिक शिक्षा को घर-घर पहुंचाना । जिससे 6 से 14 वर्ष के बच्चे को प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त हो सके।
  • बाल मजदूरी पर रोक लगाया जाए।
  • बेघर बच्चे ( सड़क किनारे रहने वाले बच्चे, घर से निकले गए बच्चे, शरणार्थी इत्यादि।) को भी शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

निम्नलिखित बच्चों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए-

  • दूसरी जगह से आए बच्चे ।
  • घर से भागे हुए बच्चे ।
  • अनाथ बच्चे ।
  • भीख मांगने वाले बच्चे ।
  • भगा कर लाए गए बच्चे ।
  • विकलांग बच्चे, इत्यादि ।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009। RTE Act 2009 kya hai

उपरोक्त बच्चों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रबंध RTE एक्ट 2009 करता है।

शिक्षा के अधिकार अधिनियम की कमियां

इस अधिनियम की सबसे बड़ी कमी यह है कि इसमें जीरो से 6 वर्ष के बीच आने वाले बच्चे और 14 से 18 वर्ष के बीच आने वाले बच्चों की बात नहीं की गई है।

अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार समझौते के अनुसार 18 वर्ष तक की आयु तक के बच्चों को बच्चों माना जाता है, जिसे भारत सहित 142 देशों ने स्वीकृति प्रदान की है। इसके बावजूद इस अधिनियम में 14 से 18 वर्ष के बच्चों की शिक्षा पर कोई बात नहीं की गई है।

Read more –

मध्याह्न भोजन स्कीम क्या है? मिड डे मील योजना क्या है? Read