रूसो का शिक्षा दर्शनआज के इस लेख में आप लोग रूसो के शैक्षिक विचार के बारे में अध्ययन करेंगे। लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि रूसो के शिक्षा दर्शन क्या है तथा रूसो के अनुसार शिक्षा का अर्थ क्या है शिक्षा के उद्देश्य क्या है इन सभी चीजों के बारे में आप अध्ययन करेंगे। तो चलिए इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि रूसो का शिक्षा दर्शन क्या है?

रूसो इटली के निवासी थे। वे एक श्रेष्ठ शिक्षा सुधारक और शिक्षा शास्त्री थे।

रूसो का शैक्षिक चिंतन

रूसो तत्कालीन शिक्षा के विरोधी थे। वह शिक्षा जो बालक को दी जाती है लेकिन बालक को किसी भी प्रकार से उसके जीवन से संबंधित नहीं है, वैसे शिक्षा के वे विरोधी थे। इस प्रकार के शिक्षा को हुए निरर्थक बताते हैं। वह शिक्षा को समाज में ना देख कर प्रकृति वातावरण में देने के पक्ष में थे। वह प्रकृति को ही शिक्षा का आधार मानते थे इसीलिए उन्होंने कहा है “प्रकृति की ओर लौटो” अर्थात उन्होंने प्रकृति का अनुसरण करने को कहा है। उनका मानना था कि बालक अपनी योग्यता प्रकृति तथा आवश्यकता के अनुसार अपने आप को सुव्यवस्थित ढंग से शिक्षित कर सकता है।

रूसो के अनुसार शिक्षा का अर्थ

रूसो कहते हैं कि केवल निर्देश देना अथवा ज्ञान संचय करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं है। शिक्षा तो बालक की स्वाभाविक शक्तियों तथा योजनाओं का आंतरिक विकास भी करती है। अतः वे शिक्षा बालक की मूल प्रवृत्ति का विकास करें वही शिक्षा सच्ची शिक्षा है।

रूसो ने शिक्षा के तीन स्रोत को बताए हैं जो इस प्रकार से है :- प्रकृति, पदार्थ तथा मानव।

रूसो ने प्राकृतिक शिक्षा को ही प्राथमिकता दी है। वह प्राकृतिक शिक्षा के द्वारा प्राकृतिक मनुष्य का निर्माण करना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने कहा है कि शिक्षा देने से पहले बालक के स्वभाव को समझना चाहिए। रूसो का मानना था कि प्राकृतिक मनुष्य का निर्माण तभी हो सकता है जब बालक को प्रकृति शिक्षा दी जाए। प्राकृतिक मनुष्य कहने का अभिप्राय व्यक्ति से है, जो अपना स्वभाव के अनुसार चलने वाला व्यक्ति हो और वह समाज के बंधनों के अनुसार चलने पर बाध्य ना हो।

रूसो के अनुसार शिक्षा के उद्देश्य

रूसो का मानना था कि केवल ज्ञान की प्राप्ति करना है शिक्षा नहीं, अपितु बालक के आंतरिक अंगों तथा शक्तियों का स्वभाविक विकास कराना ही शिक्षा है उनके अनुसार शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित है:-

  • शारीरिक विकास कराना भी शिक्षा का उद्देश्य है।
  • इंद्रिय प्रशिक्षण देना।
  • मानसिक विकास कराना।
  • भावात्मक विकास का पूर्ण होना भी शिक्षा का उद्देश्य है।
  • जीने की कला बताना भी शिक्षा का उद्देश्य है।

आज के इस लेख में आपने रूसो का शिक्षा दर्शन को जाना।

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