आज हमलोग स्कीमा (Schema) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। स्कीमा (Schema) क्या है? स्कीमा (Schema) किस प्रकार से बनता है इन सभी के बारे में अध्ययन करेंगे। तो चलिए हम लोग जानते हैं कि स्कीमा किसे कहते हैं?

पियाजे ने बालक के संज्ञानात्मक विकास के बारे में अपना एक सिद्धांत दिया था। जिसमें उन्होंने स्कीमा (Schema) के बारे में चर्चा की है। जीन पियाजे के संज्ञानात्मक सिद्धांत को जानने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें :-

स्कीमा को समझने के लिए हम एक प्रयोग को करते हैं। चलिए आप एक फूल का नाम लीजिए जैसे :- गुलाब। आपने जैसे ही गुलाब का नाम लिया होगा आपके मस्तिष्क में एक गुलाब का चित्र बना होगा। यह उसी गुलाब का चित्र है जिसे आप कहीं देखे होंगे।
आपके द्वारा गुलाब बोलने पर आपके मस्तिष्क में गुलाब का चित्र बना यही तो स्कीमा (Schema) है। इसे ही स्कीमा (Schema) कहते हैं।

स्कीमा (Schema) क्या है? स्कीमा की परिभाषा

बालक के मस्तिष्क में जो चीजें पहले से जमा होती है तथा बालक पहले से मस्तिष्क में उपस्थित चीजों के उपयोग करके किसी विषय वस्तु के प्रति एक धारणा बनाता है तो इसे स्कीमा (Schema) कहते हैं।

स्कीमा (Schema) को समझने के लिए एक उदाहरण को लेते हैं।

एक दिन एक बालक एक पक्षी को देखता है तो वह पापा से पूछता है कि यह क्या है? तो उसके पापा उसे बताते हैं कि यह एक कौआ है। बालक फिर अगले दिन एक कबूतर को देखता है और उसे कौआ कह कर बुलाता है।

स्कीमा (Schema) क्या है?

बालक कबूतर को कौआ इसलिए कहता है कि कबूतर भी कौआ की तरह दिखता है। बालक के मस्तिष्क में यह बातें बैठ जाती है कि जिसके पास दो पैर है, पंख है, जो उड़ सकता है वह सारी चीजें कौआ होती है।

बालक के मस्तिष्क में जो बातें पहले से जमा थी उसी के आधार पर बालक कबूतर को कौआ कहता है। इसे ही स्कीमा (Schema) कहते हैं।

मैं उम्मीद करता हूं कि आपको इसकी कौआ में आ गई होगी। इसी तरह के सीटेट से जुड़ी अन्य टॉपिक्स को पढ़ने के लिए इस वेबसाइट RKRSTUDY.NET

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