Home Tags Samayojan ki prakriti kya hai

Tag: Samayojan ki prakriti kya hai

समायोजन क्या है? समायोजन का अर्थ, परिभाषा एवं संकल्पना। समायोजन में अध्यापक की भूमिका

आज की इस लेख में हम उस समायोजन को जानेंगे। हम लोग पढ़ेंगे की समायोजन क्या है? समायोजन का अर्थ एवं परिभाषा क्या है? साथ ही साथ मिलोगी या भी जानेंगे कि समायोजन में अध्यापक की भूमिका क्या है? तो चलिए समायोजन की संकल्पना एवं तरीके को जानते हैं।

समायोजन का अर्थ क्या है?

जैसा कि समायोजन के उच्चारण करते समय यह पता चलता है समायोजन, अर्थात समा जाना। यानी कि किसी चीज में अपने आप को ढालना ही समायोजन का अर्थ है।

दूसरे शब्दों में,

कोई व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं के अनुसार वातावरण के साथ तालमेल बैठता है वह समायोजन कहलाता है।

समायोजन क्या है?

जैसा कि हम लोग जानते हैं कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। मनुष्य समाज में रहना पसंद करता है। पृथ्वी पर अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो सभी जगह का जलवायु एक जैसी नहीं है। कहीं ज्यादा सर्दी है तो कहीं ज्यादा गर्मी रहती है तो कहीं सालों भर बरसात ही रहती है। लेकिन जरा सोचिए कि इन सभी अलग-अलग जगह के लोग किस प्रकार से अपना जीवन यापन करते होंगे। यह सभी लोग अपने आप को उस क्षेत्र के वातावरण में डाल लेते हैं, उस क्षेत्र के वातावरण के अनुसार अनुकूल बन जाते हैं। यही प्रक्रिया तो समायोजन है।

समायोजन किसे कहते हैं?

मनुष्य अपने आपको जिस परिवेश में रहता है उसके अनुकूल ढालने का प्रयास करता है। इस प्रक्रिया में मनुष्य के व्यवहार एवं रहन-सहन में परिवर्तन होता है। इसी प्रक्रिया को समायोजन करते हैं।

समायोजन की परिभाषा

बोरिंग के अनुसार :- समायोजन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्राणी अपनी आवश्यकताओं और इन आवश्यकताओं की पूर्ति को प्रभावित करने वाली परिस्थितियों में संतुलन रखता है।

गेट्स के अनुसार:- समायोजन नियंत्रण चलने वाली प्रक्रिया है,जिसके द्वारा व्यक्ति अपने और वातावरण के बीच संतुलन संबंध रखने के लिए अपने व्यवहार में परिवर्तन करता है।

समायोजन की प्रकृति एवं विशेषताएं

  • समायोजन एक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति और वातावरण दोनों प्रभावित होते हैं।
  • समायोजन आवश्यकताएं एवं दबाव के बीच तालमेल बैठाने वाली प्रक्रिया है।
  • यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
  • समायोजन द्विध्रुवीय प्रक्रिया है।
  • समाज की उन्नति समायोजित लोगों पर निर्भर करती है।

आज के लेख में हम लोगों ने समायोजन से जुड़ी है बातों का अध्ययन किया। हम लोगों ने जाना कि समायोजन किसे कहते हैं? समायोजन की परिभाषा एवं महत्व क्या है?

  • वस्त्र एवं आवास REET EVS Notes CLICK HERE
Click Here

 

CTET Preparation Group

Latest Post

कोहलबर्ग का सिद्धांत Kohalbarg ka Sidhant

कोहलबर्ग का सिद्धांत Kohalbarg ka Sidhant For CTET

CTET, D.El.Ed & B.ed के लिए कोहलबर्ग (kohalbarg) के नैतिक विकास का सिद्धांत एक बहुत ही महत्वपूर्ण Topic है। आज हमलोग कोहलबर्ग का सिद्धांत...
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाएं, पियाजे के अनुसार बाल विकास की अवस्था

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाएं, पियाजे के अनुसार बाल विकास की अवस्था

इस लेख में हम लोग पियाजे के द्वारा दिया गया बालक के संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाएं के बारे में अध्ययन करेंगे। इस लेख में...
समाजीकरण में खेल की भूमिका।। समाजीकरण की प्रक्रिया में खेल का महत्व/भूमिका।

समाजीकरण में खेल की भूमिका।। समाजीकरण की प्रक्रिया में खेल का महत्व/भूमिका।

इस लेख में हम लोग समाजीकरण की प्रक्रिया में खेल का महत्व के बारे में अध्ययन करेंगे। इस लेख के माध्यम से हम लोग...
समाजीकरण में शिक्षक की भूमिका।। समाजीकरण की प्रक्रिया में अध्यापक की भूमिका

समाजीकरण में शिक्षक की भूमिका।। समाजीकरण की प्रक्रिया में अध्यापक की भूमिका

इस लेख में हम लोग "समाजीकरण की प्रक्रिया में अध्यापक की भूमिका" के बारे में अध्ययन करेंगे। लेख के अंदर हम लोग पढ़ेंगे कि...

Read More

RKRSTUDY CTET POINT FOR :- CTET & TET Preparation
error: Content is protected !!