विश्लेषण विधि तथा संश्लेषण विधि में अंतर For CTET, D.El.Ed & B.Ed

विश्लेषण विधि तथा संश्लेषण विधि में अंतर

⇰ Topic 

  • संश्लेषण विधि किसे कहते हैं?
  • विश्लेषण विधि किसे कहते हैं?
  • विश्लेषण विधि तथा संश्लेषण विधि में अंतर क्या है?

संश्लेषण विधि किसे कहते हैं?

संश्लेषण विधि (Synthesis Method) एक शिक्षण विधि है इस विधि में ज्ञात से अज्ञात की ओर जाते हैं अर्थात पहले से ज्ञात तथ्य एवं सूत्रों की सहायता से नए तथ्यों या समस्या के हल करने की शिक्षण विधि को संश्लेषण विधि करते हैं इस विधि में समस्या के हल करने की विधि पहले से मालूम रहता है और ज्ञात विधि के आधार पर समस्या का हल निकालते हैं

विश्लेषण विधि किसे कहते हैं? 

विश्लेषण विधि(Analysis method) एक शिक्षण विधि है जिसमें किसी समस्या को पहले छोटे-छोटे भागों में विभाजित किया जाता है उसके बाद समस्या के बारे में अध्ययन किया जाता है फिर उसके निष्कर्ष पर पहुंचा जाता है इस प्रकार के शिक्षण विधि को विश्लेषण विधि कहते हैं

संश्लेषण विधि तथा विश्लेषण विधि में अंतर

विश्लेषण विधि संश्लेषण विधि
1.इस विधि में अज्ञात से ज्ञात की ओर जाते हैं 1.इस विधि में ज्ञात से अज्ञात की ओर जाते हैं
2.इस विधि द्वारा समस्या के निष्कर्ष तक पहुंचने में अधिक समय लगता है। 2.इस विधि द्वारा समस्या के निष्कर्ष तक पहुंचने में बहुत कम समय लगता है।
3.इस विधि का उपयोग प्राथमिक स्तर के कक्षा के लिए करना कठिन होता है। 3.इस विधि का उपयोग प्राथमिक स्तर के कक्षा के लिए उपयोगी होता है।
4.इस विधि से छात्रों में तर्क तथा निर्णय सक्ति का विकास होता है। 4.इस विधि से छात्रों में तर्क तथा निर्णय सक्ति का विकास नहीं हो पाता है।
5.संविश्लेषण विधि बालकों को खोज करने का अवसर  प्रदान करता है। 5.संश्लेषण विधि बालकों को खोज करने का अवसर नहीं प्रदान करता है।
6.विश्लेषण विधि एक कठिन विधि होने के कारण इससे बालक में नीरसता की भावना उत्पन्न होती है। 6.संश्लेषण विधि सेबालक में नीरसता की भावना उत्पन्न नहीं होती है।
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