व्याकरण किसे कहते हैं? व्याकरण शिक्षण के उद्देश्य क्या है? FOR CTET

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आज हम लोग CTET Syllabus  के Hindi Pedagogy के अंदर आने वाले Topic “व्याकरण” के बारे में अध्ययन करेंगे। इस लेख में हम लोग जानेंगे कि व्याकरण किसे कहते हैं? व्याकरण की परिभाषा क्या है? व्याकरण शिक्षण के उद्देश्य क्या है तथा भाषा अधिगम में व्याकरण की क्या भूमिका होती है?

व्याकरण किसे कहते हैं?

हम भाषा का लिखने और बोलने में प्रयोग करते हैं तो हमारे द्वारा प्रयोग किया गया वाक्य शुद्ध और अशुद्ध दोनों हो सकते हैं। वाक्य एवं भाषा का शुद्ध एवं अशुद्ध होने का ज्ञान हमें व्याकरण के नियमों के द्वारा पता चलता है।

दूसरे शब्दों में,

भाषा के बनते-बिगड़ते स्वरूप को शुद्ध बनाए रखने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं इन्हीं नियमों को व्याकरण की संज्ञा दी गई है।

व्याकरण की परिभाषा

व्याकरण वैसा शास्त्र है, जो हमें किसी भाषा को शुद्ध रूप से लिखने तथा उसका उच्चारण करने के नियमों का ज्ञान करवाता है।

महर्षि पतंजलि ने व्याकरण को अपने महाभाष्य में शब्दनुशासन कह कर परिभाषित किया है।

डॉक्टर स्वीट के अनुसार :- व्याकरण भाषा का व्यवहारिक विश्लेषण अथवा उसका शरीर विज्ञान है।

डॉक्टर जैगर के अनुसार:- प्रचलित भाषा संबंधी नियमों की व्याख्या ही व्याकरण है।

कामता प्रसाद गुरु के अनुसार :- जिस शास्त्र में शब्दों के शुद्ध रूप और प्रयोग के नियम का निरूपण होता है, उसे व्याकरण कहते हैं।

व्याकरण शिक्षण के उद्देश्य

बच्चों में व्याकरण का ज्ञान देने का उद्देश्य निम्नलिखित है:-

  • व्याकरण छात्रों को शुद्ध बोलने, लिखने तथा पढ़ने की प्रेरणा देता है। व्याकरण की सहायता से छात्र शुद्ध भाषा का प्रयोग करना सीखता है तथा व्याकरण के द्वारा छात्रों में रचना व वक्ता तथा सृजनात्मकता का विकास होता है।
  • छात्रों में ध्वनि, ध्वनियों के मध्य सूक्ष्म अंतर, शब्द योजना, शब्द शक्तियों एवं शुद्ध वर्तनी का ज्ञान कराना भी व्याकरण शिक्षण का उद्देश्य है।
  • बालकों को शब्द-सूक्ति, लोकोक्ति, मुहावरे आदि का प्रसंगानुकूल अर्थ निकालने और स्वराघात एवं बलाघात के अनुसार अर्थबोध कराने के योग्य बनाना भी व्याकरण शिक्षण का उद्देश्य है।
  • छात्रों में भाषा के गुण दोष रखने की रुचि उत्पन्न कराना तथा भाषा रचना का ज्ञान प्राप्त कराना इसका उद्देश्य है।
  • भाषा की प्रकृति एवं गठन का व्यवहारिक ज्ञान कराना भी व्याकरण शिक्षण का उद्देश्य है।
  • पढ़ना, लिखना, बोलना और सुनना इन चारों कौशलों का विकास कराना भी इसी का उद्देश्य है।
  • भाषा की अशुद्धता की क्षमता को पहचानने की योग्यता का विकास करना तथा मौखिक अभिव्यक्ति सर्वमान्य भाषा सिखाना भी भाषा शिक्षण का उद्देश्य है।

आज के इस लेख में हम लोगों ने पढ़ा कि – व्याकरण किसे कहते हैं? Grammer (व्याकरण) की परिभाषा क्या है? Grammer (व्याकरण) शिक्षण के उद्देश्य क्या है तथा भाषा अधिगम में व्याकरण की क्या भूमिका होती है?

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